शिवानंद तिवारी का भाजपा पर प्रहार: "महिला आरक्षण की आड़ में सत्ता पर परमानेंट कब्जे की साजिश"

शिवानंद तिवारी का भाजपा पर प्रहार: "महिला आरक्षण की आड़ में सत्ता पर परमानेंट कब्जे की साजिश"

Shivanand Tiwari Slams BJP

Shivanand Tiwari Slams BJP

 पटना। Shivanand Tiwari Slams BJP, महिला आरक्षण बिल (नारी वंदन अधिनियम) को लेकर देश के कई राज्यों में जुबानी जंग तेज हो गई है।

बिहार के पूर्व मंत्री शिवानंद तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा इस बिल की आड़ में देश पर अपनी सत्ता को हमेशा के लिए काबिज करने की चाल चल रही है।

पीएम मोदी पर साधा निशाना

सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए शिवानंद तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार को वाकई में महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की फिक्र होती, तो साल 2023 में संसद से पास हुए इस बिल को फौरन लागू कर दिया जाता। इसे जानबूझकर जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तों के साथ जोड़कर लटकाया गया है।

लोकतांत्रिक संतुलन बिगड़ने का जताया डर

पूर्व मंत्री ने परिसीमन को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि अब जो अचानक नया ढांचा लाया जा रहा है।

उसमें सीटों की संख्या 800 के पार ले जाकर ऐसा संतुलन बनाने की साजिश रची जा रही है जिससे उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का वर्चस्व बढ़े। जहां भाजपा पहले से मजबूत है। इससे लोकतंत्र का संतुलन बिगड़ेगा और सत्ता कुछ क्षेत्रों तक सिमट जाएगी।

सुरक्षा पर उठाए सवाल 

शिवानंद तिवारी ने अपनी पोस्ट में देश की कानून व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि जिस देश में महिलाओं की सुरक्षा आज भी एक बड़ा मुद्दा है और अपराधियों को कथित तौर पर राजनीतिक पनाह मिलती है, वहां 'नारी वंदन' जैसे शब्द सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

खींचतान जारी

राष्ट्रीय स्तर पर भी महिला आरक्षण बिल को लेकर सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी दलों के बीच खींचतान जारी है। एक तरफ जहां भाजपा नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बिल में हो रही देरी के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो वहीं विपक्ष इसे पूरी तरह से बीजेपी का चुनावी स्टंट बता रहा है।